लीवर डिटॉक्स से पहले ये 1 दोष ज़रूर जांचें वरना लाभ की जगह नुकसान होगा!

आजकल हर कोई लीवर डिटॉक्स करने में लगा है। लेकिन क्या आपने अपने दोष (वात-पित्त-कफ) की जांच की?

लीवर डिटॉक्स का मतलब है – लीवर को आराम देना, टॉक्सिन्स बाहर निकालना और उसे फिर से ऊर्जा देना।

अगर गलत समय या गलत प्रकृति में डिटॉक्स किया जाए – तो शरीर उल्टा प्रतिक्रिया कर सकता है।

आयुर्वेद कहता है – हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है। इसलिए डिटॉक्स भी दोष के अनुसार होना चाहिए।

दोष #1 – पित्त प्रधान व्यक्ति

अगर आपका पित्त बढ़ा हुआ है तो डिटॉक्स से जलन, एसिडिटी और कमजोरी हो सकती है।

दोष #2 – वात प्रधान व्यक्ति

वात वाले लोग अगर बिना जांच डिटॉक्स करें तो गैस, सिरदर्द और बेचैनी बढ़ सकती है।

दोष #3 – कफ प्रधान व्यक्ति

कफ में डिटॉक्स सही तरीके से किया जाए तो बहुत लाभ होता है। लेकिन अगर भारी चीज़ें लीं तो और सुस्ती आ सकती है।

त्रिदोष चेक करें और उसके अनुसार ही लीवर डिटॉक्स की योजना बनाएं।

Panchtatvam त्रिदोष कैलकुलेटर से आप जान सकते हैं – आपका दोष कौन-सा हावी है और उसके अनुसार सही डिटॉक्स उपाय क्या है।

बिना दोष जांचे डिटॉक्स न करें! अभी अपना त्रिदोष जानें 👇 👇 और शरीर को सही तरीके से  शुद्ध करें।