सांस फूलना या अस्थमा इन लक्षणों को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी!

अगर थोड़ी सी मेहनत में ही आपकी सांस फूलती है, तो यह सामान्य नहीं है। हो सकता है ये अस्थमा की शुरुआत हो।

थोड़ा चलने पर ही अगर सांस तेज़ हो जाए या सीने में जकड़न महसूस हो — तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।

अस्थमा में सीने में दबाव या हल्का दर्द आम लक्षण हो सकता है, जो अक्सर रात या सुबह होता है।

सांस लेते समय अगर “सीटी” जैसी आवाज़ आए तो ये फेफड़ों में सूजन या बलगम का संकेत है।

अस्थमा में खाँसी अक्सर रात को या सुबह जल्दी बढ़ती है। यह भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी है।

ठंडी हवा, धूल या परफ्यूम से अगर अचानक सांस रुकने लगे तो यह अस्थमा का ट्रिगर हो सकता है।

बार-बार सांस फूलना फेफड़ों में सूजन, ऑक्सीजन की कमी और अचानक अटैक का संकेत हो सकता है।

तुरंत डॉक्टर से सलाह लें धूल, धुआँ, परफ्यूम से दूर रहें गुनगुने पानी और भाप लें आयुर्वेदिक देखभाल अपनाएं

आयुर्वेद के अनुसार — अस्थमा वात-कफ दोष का असंतुलन है। नस्य (नाक द्वारा औषधि) इसमें अत्यंत प्रभावी माना गया है।

सांस की तकलीफ या अस्थमा के लक्षण हों? अभी जानकारी लें!